Tuesday, August 16, 2011

अन्ना का समर्थन करें

आप  सभी  को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ ..

आइये हम सब  भ्रष्टाचार मुक्त भारत निर्माण के लिए-- सम्माननीय  अन्ना हजारे जी के नेतृत्व में-- जन लोकपाल बिल बनाने के लिए--संवेदनहीन एवं तानाशाह सरकार के विरुद्ध जारी देशव्यापी जन आन्दोलन को अपना पूर्ण समर्थन देकर इसे सफल बनाएँ.....

29 comments:

  1. बिल्कुल सही आह्वान हम भी इसी मे लगे हैं।

    ReplyDelete
  2. सम्पूर्ण समर्थन है.......... मन से और वाणी से अपनी जागृतावस्था में लगा ही रहता हूँ सुरेन्द्र जी, अब सोच रहा हूँ कि किस तरह शरीर से भी साथ दूँ... क्या केवल आन्दोलन में जाकर गिरफ्तारी देकर संख्या बढ़ाऊँ या फिर
    अपने हिसाब से निकृष्ट से निकृष्ट अपशब्द बोंल-बोलकर अपने भीतर पनप रहे आक्रोश को समाप्त कर दूँ या फिर ....
    छोटे स्तर पर ही सही व्यायाम और नैतिक 'शाखा' लगाकर बालकों को भावनात्मक रूप से तैयार करूँ...
    क्योंकि मैं जानता हूँ कि बिना तैयारी के अच्छी-भली क्रान्ति भी असफल हो जाया करती है... सन सत्तावन की क्रान्ति का उदाहरण हमारे सामने है.
    या फिर ... सोचता हूँ कि आर-पार की लड़ाई... तमंचे/ पिस्टल का बंदोबस्त करूँ और शहीद ऊधम सिंह की राह पकड़ लूँ.... परिवार जाये भाड़ में...
    सही राह सुझाएँ ... क्या करूँ .......ऐसे में...
    मैं जानता हूँ ..........जैसे मेरा आक्रोश मेरे भीतर आग लगाए है... जल रहा हूँ. वैसे ही न जाने कितने ही राष्ट्र-प्रेमी कांग्रेस-पार्टी के अत्याचारों से ज्वलित होंगे... पीड़ा असहनीय है फिर भी बर्दाश्त कर रहे हैं...
    मेरा अनुमान है कि शीघ्र 'हिंसक क्रान्ति' आरम्भ होगी... क्योंकि कब तक बर्दाश्त करेंगे लोग... इस पीड़ा को.. हद होती है बर्दाश्त करने की.
    सुरेन्द्र जी... मैं अपने रोजमर्रा के काम भी नहीं कर पा रहा हूँ इस पीड़ा को सहते...
    लानत कांग्रेसी मंत्रियों को... धिक्कार इस सरकार को...
    शाप देने का मन करता है :
    मनमोहन के शरीर में कीड़े पढ़ें.... सोनिया और राहुल अपनी पूरी उम्र विकलांग होकर रहें... दिमागी और शारीरक तौर पर...
    बुरी से बुरी 'हाय' लगे.............

    ReplyDelete
  3. हम सभी का समवेत स्वर ही मायने रखता है. एक साथ प्रखर विरोध होना ही चाहिए. हम सभी अन्ना हजारे के साथ ही खड़े हैं. आभार.

    ReplyDelete
  4. अन्ना के साथ हर ईमानदार भारतीय है .सार्थक लेखन .आभार
    slut walk

    ReplyDelete
  5. bharshtachaar ke khilaf uthne wali har aawaj ke saath hum hain

    ReplyDelete
  6. हम भी अन्ना के साथ हैं ....

    ReplyDelete
  7. kaash mera samarthan hi kafi hota ?
    khte hain n ki bhukhe pet bhajan n hoi..... shri प्रतुल वशिष्ठ ji ne shayad mera aakrosh vyakt kiya hai apne shabdon main.....

    ReplyDelete
  8. सार्थक आह्वान सार्थक प्रस्तुति किन्तु अफ़सोस की हम सभी के हित की बात है और हमसे ही आह्वान करना पड़ रहा है.

    ReplyDelete
  9. आपका जज़्बा सराहनीय है.

    ReplyDelete
  10. मैं भी साथ हूं ....

    ReplyDelete
  11. देशातील तरुण जागृत झालेला आहे. "युवाशक्ति हीच आमची राष्ट्रशक्ति आहे"
    भ्रष्टाचार मुक्त भारत निर्मितीची हीच वेड आहे असा मोका पुन्हा येईल की नाही शंका आहे म्हणून आता स्वातन्त्रायांची दुसरी लढाई समजून अहिंसेच्या मार्गाने रसत्यावर उतरण्याची गरज आहे. तरच आपण " स्वातन्त्रायांची दुसरी लढाई जिंकू शकू, भ्रष्टाचार मुक्त भारत निर्माण करू शकू "

    ReplyDelete
  12. ‘गर्जना‘ के इन स्वरों में एक स्वर मेरा मिला लो।

    ReplyDelete
  13. हम अन्ना के साथ हैं ........

    ReplyDelete
  14. पूर्ण समर्थन है।

    ReplyDelete
  15. सार्थक अभिव्यक्ति. आभार.
    सादर,
    डोरोथी.

    ReplyDelete
  16. हम अन्ना के साथ हैं

    ReplyDelete
  17. अन्ना तुम संघर्ष करो हम तुम्हारे साथ हैं

    ReplyDelete
  18. ye smrthan to ek aagaj hai ise anjam tk phuchane ke liye hm sbhi ko aatmshudhi krni pdegi our uspr adig hona pdega tbhi is aandolan our anna ji ki mehnat shi mayne me sarthak hogi .
    umdta jnsmooh iski gwahi de rha hai our ye bhut shubh lkshan hai .

    ReplyDelete
  19. wel come and support this stand .

    ReplyDelete
  20. जी हमारा पूरा समर्थन आपके अन्ना के साथ है ...

    ReplyDelete
  21. अन्ना जी के समर्थन ने आज एक विजय दिलाई है
    आगे और सफलताओं को पाना है.
    पूर्ण समर्थन बनाये रखना है.

    मेरे ब्लॉग पर आपका इंतजार है 'झंझट'भाई.

    ReplyDelete
  22. जन लोकपाल के पहले चरण की सफलता पर बधाई.

    ReplyDelete
  23. प्रतुल जी,
    सम्भालियेगा अपने आपको.
    समर्थन में पूरा जोश ही नहीं पूरा होश भी हो.
    अहिंसा की तो सोचियेगा भी नहीं.

    ReplyDelete
  24. क्षमा चाहता हूँ. अहिंसा की जगह हिंसा पढियेगा.

    ReplyDelete
  25. अन्ना जी ने पूरी दुनिया को दिखा दिया कि लोकतंत्र में जनता की शक्ति के आगे सारी शक्तियां छोटी हैं !

    ReplyDelete
  26. सम्पूर्ण समर्थन...अंतर्मन से...

    ReplyDelete