Thursday, November 4, 2010

शुभ दीपावली

अँधियारे का नाश हो घर-घर हो उँजियार |
जीवन ज्योतिर्मय करे  दीपों   का  त्यौहार |

       प्रकाशपर्व दीपावली की बहुत-बहुत शुभकामनायें !

3 comments:

  1. दीपावली के इस पावन पर्व पर आप सभी को सहृदय ढेर सारी शुभकामनाएं

    ReplyDelete
  2. “नन्हें दीपों की माला से स्वर्ण रश्मियों का विस्तार -
    बिना भेद के स्वर्ण रश्मियां आया बांटन ये त्यौहार !
    निश्छल निर्मल पावन मन ,में भाव जगाती दीपशिखाएं ,
    बिना भेद अरु राग-द्वेष के सबके मन करती उजियार !! “

    हैप्पी दीवाली-सुकुमार गीतकार राकेश खण्डेलवाल

    ReplyDelete